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FAQs

One can join the project individually or through any participating institute. Link for registration is provided on the home page of the website.
Mantra and prayer are an integral part of Suryanamskar as it was developed by ancient sages as physical as well as spiritual activity. However it is not compulsory to recite mantra to participate in the 75 crore Suryanamaskar project.
It is not mandatory to do for consecutive 21 days. Participants have to do it for atleast 21 days during the 51 days duration of the project. Female participants can take a break during menstrual cycle.
An institute or organisation can participate by registering itself online on our website. It is compulsory to submit the prescribed letter duly signed by the head of the institute along with the seal and stamp of the institute. The letter is available on the "instructions" link on the home page.
There is no minimum or maximum limit for number of participants from an institute.
The 75crore Suryanamaskar project is open for all.
The participant’s record sheet is available on the website. One has to fill the required column daily and submit. It takes hardly a minute to complete the process.
Try to give input on a day to day basis. Still one can input the data within next 5 days of practice.
Early morning is the best time to practice Suryanamaskar but it is not necessary. One can do as per her or his convenience. Keep a gap of one hour between the meal and the practice.
13 is the minimum number of rotation. One can do more but maintain a consistency.
One can perform for 51 days and should keep practicing even after this project is over, However you are required to submit your data only for the period of 21 days
We have provided a video on our website and on the Facebook, twitter and YouTube profiles also. A booklet in PDF format is also available on the website.
Click on the ‘Join as volunteer’ link on the home page of our website. We will contact you.
There is no fee. It's totally free.

आपके प्रश्न

कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से या किसी भी प्रतिभागी संस्थान के माध्यम से परियोजना में शामिल हो सकता है। पंजीकरण के लिए लिंक वेबसाइट के होम पेज पर दिया गया है।
मंत्र और प्रार्थना सूर्यनमस्कार का एक अभिन्न अंग हैं क्योंकि इसे प्राचीन ऋषियों द्वारा शारीरिक और आध्यात्मिक गतिविधि के रूप में विकसित किया गया था। हालांकि 75 करोड़ के सूर्यनमस्कार प्रोजेक्ट में हिस्सा लेने के लिए मंत्र कहना अनिवार्य नहीं है।
लगातार 21 दिनों तक करना अनिवार्य नहीं है। प्रतिभागियों को परियोजना की 51 दिनों की अवधि के दौरान इसे कम से कम 21 दिनों के लिए करना होगा। महिला सहभागियों को मासिक धर्म के दौरान नहीं करना चाहिए।
कोई संस्थान या संगठन हमारी वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करके भाग ले सकता है। संस्थान के प्रमुख द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित पत्र अपने लेटर हेड पर संस्थान की मुहर और सील के साथ जमा करना अनिवार्य है। पत्र होम पेज पर “instructions " लिंक पर उपलब्ध है। वहाँ से पत्र डाउनलोड करके हस्ताक्षर व सील के साथ पुनः upload करें।
किसी संस्थान से प्रतिभागियों की संख्या के लिए कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं है।
कोई आयु सीमा नहीं है। कोई भी भाग ले सकता है।
75 करोड़ सूर्यनमस्कार परियोजना सभी के लिए खुली है।
प्रतिभागी की रिकॉर्ड शीट वेबसाइट पर उपलब्ध है। प्रतिदिन आवश्यक कॉलम भरना होगा और जमा करना होगा। प्रक्रिया को पूरा करने में मुश्किल से एक मिनट का समय लगता है।
दिन-प्रतिदिन के आधार पर इनपुट देने का प्रयास करें। फिर भी कोई व्यक्ति अभ्यास के अगले 5 दिनों के भीतर डेटा इनपुट कर सकता है।
सूर्यनमस्कार का अभ्यास करने के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा है लेकिन यह आवश्यक नहीं है। आप अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते हैं । किंतु भोजन और अभ्यास के बीच एक घंटे का अंतर रखें।
13 रोटेशन की न्यूनतम संख्या है। आप अधिक भी कर सकते हैं लेकिन निरंतरता बनाए रखना चाहिए ।
आप पूरे 51 दिनों तक भी अभ्यास कर सकते हैं। अपना नियमित का record भी उसी अनुसार भरते रहें। इस परियोजना के समाप्त होने के बाद भी अभ्यास करते रहना चाहिए। किंतु ध्यान रहे कि आपको कैलेंडर पर केवल 21 दिनों के अभ्यास की ही जानकारी देनी है।
हमने अपनी वेबसाइट और फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब प्रोफाइल पर भी एक वीडियो उपलब्ध कराया है। वेबसाइट पर पीडीएफ प्रारूप में एक पुस्तिका भी उपलब्ध है। इनके माध्यम से आप सीख सकते हैं।
कोई शुल्क नहीं है। यह पूरी तरह से नि:शुल्क है।